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नीमच । भारतीय पत्रकारिता के आदर्श स्तंभ रहे श्री गणेश शंकर विद्यार्थी की पुण्यतिथि पर पत्रकार संगठन असेंबली ऑफ़ एमपी जर्नलिस्ट ने नमन किया l
 साथ ही समाज हित में चलने वाली उनकी कलम और समाज सेवा के लिए प्राणों की आहुति किया याद l देश के दंगाग्रस्त  शहर मे 25 मार्च को अपने पुराने की परवाह न कर बलिदान दे दियाl अपनी पत्रकारिता के लिए अमर हुए  गणेश शंकर विद्यार्थी ने 'कलम' को 'तलवार' से अधिक शक्तिशाली सिद्ध कर दिया । असेंबली ऑफ़ एमपी जनरल लिस्ट जिला कार्यालय नीमच पर  जिलाध्यक्ष डॉ. जीवन कौशिक ने  बुधवार, सुबह 11 बजे आयोजित  कार्यक्रम में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर उनके विचारों पर प्रकाश डाला l आम जन के पत्रकार और महान स्वतंत्रता सेनानी *गणेश शंकर विद्यार्थी* जी का बलिदान दिवस पर कार्यक्रम में पुष्पांजलि अर्पित की गई । 25 मार्च 1931 में आज ही के दिन कानपुर के सांप्रदायिक दंगों में मानवता की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने अपनी कलम से अंग्रेज सरकार के  अत्याचारों को उजागर किया l और रियासतों के छिपे भ्रष्टाचार और किसानों के शोषण के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद की। उनके लिए पत्रकारिता कोई पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त हथियार था।
 1931 के कानपुर दंगों में  कई निर्दोष लोगों की जान बचाई, लेकिन इस दौरान वे  स्वयं वीरगति को प्राप्त हुए।  विद्यार्थी जी केवल एक संपादक नहीं, बल्कि एक प्रेरक और मार्गदर्शक भी थे।   शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जी का जीवन आज के पत्रकारों के लिए एक आदर्श  हैl  पत्रकार का असली धर्म जनता के प्रति जवाबदेही और सत्य के प्रति अडिग निष्ठा है। आम आदमी की पीड़ा को सरकार और प्रशासन तक  निरंतर पहुंचाने कार्य करते रहे l यही अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी l इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ जीवन कौशिक  कार्यकारिणी, रघुवीर बैरागी, महेंद्र भान पिया, सदस्य मदन सिंह धानका, यशवंत बागड़ी, भेरूलाल रेगर आदि ने पुष्प अर्पित कर नमन किया l