जीरन | भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेशव्यापी 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान' के तहत जीरन (दक्षिण मंडल) में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का उत्साहपूर्वक शुभारंभ हुआ। स्थानीय सामुदायिक भवन (चिताखेड़ा दरवाजा) में आयोजित इस शिविर में संगठन की कार्यपद्धति को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के वैचारिक कौशल को निखारने के लिए विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
*पंच-दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ*
शनिवार, 14 मार्च को प्रातः 10 बजे कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। उद्घाटन सत्र में जिला प्रभारी सुभाष पटेल, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खंडेलवाल, क्षेत्रीय विधायक दिलीप सिंह परिहार एवं प्रशिक्षण प्रभारी राकेश पप्पू जैन ने माँ भारती और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर वर्ग की शुरुआत की।
*प्रथम दिन पांच सत्रों में हुआ वैचारिक मंथन*
प्रशिक्षण के पहले दिन शाम 5 बजे तक कुल पांच महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए, जिनमें वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं को संगठन के मूल मंत्र दिए। प्रथम सत्र (वैचारिक अधिष्ठान) के तहत महेंद्र (बबलू) भटनागर ने भाजपा के वैचारिक अधिष्ठान और गौरवशाली इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र (बूथ प्रबंधन) में भगतराम पाटीदार ने 'बूथ जीता-चुनाव जीता' के मंत्र के साथ बूथ प्रबंधन और 'मन की बात' कार्यक्रम की महत्ता समझाई। तृतीय सत्र (कार्य विस्तार)में प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने संगठन की मजबूती के लिए कार्य विस्तार की रणनीतियों पर अपना वक्तव्य दिया। चतुर्थ सत्र (सरकारी योजनाएं) में अवंतिका जाट ने केंद्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का रोडमैप प्रस्तुत किया।
और अंतिम सत्र (इतिहास) में विधायक दिलीप सिंह परिहार ने भाजपा के संघर्षपूर्ण सफर और विकासवादी राजनीति के इतिहास से कार्यकर्ताओं को रूबरू कराया। दक्षिण मंडल महामंत्री किशन अहिरवार एवं दिलीप सिंह चौहान ने बताया कि इस प्रशिक्षण वर्ग में मंडल के सभी अपेक्षित कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की है। इस दो दिवसीय वर्ग का समापन 15 मार्च को दोपहर 1 बजे होगा, जिसमें मंडल अध्यक्ष मदन गुर्जर सहित क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को लेकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण वर्ग कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और संगठन की कार्यपद्धति को निचले स्तर तक प्रभावी बनाते हैं।