नीमच । अमेरिका द्वारा थोपे गये खाड़ी युद्ध का बोझ भारत की जनता क्यों उठाये? लेबर कोड नहीं चलेगा, बिजली और बीज बिल वापस लो, जल जंगल जमीन से आदिवासियों की बेदखली बंद करो, भारत अमेरिका डील रद्द करो, सीसीआई नयागांव सरकारी क्षेत्र में चालू करो के जोशपूर्ण नारों के साथ जनविरोधी पूंजी परस्त नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली चलो, के  नारों के बीच  भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का मालवा जन आक्रोश यात्रा जत्था 9 मार्च को इंदौर से चलकर  13 तारीख शाम नीमच पहुंचा।

      केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानून को समाप्त कर श्रम-सहन का लागू करने, मनरेगा कानून को बदल उसमें रोजगार गारंटी को समाप्त करने, स्मार्ट मीटर व बिजली के निजीकरण, किसान की फसल से तैयार बीज को अनुपयोगी बना बीज अधिनियम के जरिये बहुराष्ट्रीय कम्पनियों से बीज खरीदने की बाध्यता थोपने, श्रमिक हितों को नकार कर नियोक्ताओं के हित में बनी श्रम संहिताओं के विरोध में निकले प्रदेशव्यापी जन आक्रोश जत्थे, जो 24 मार्च को नई दिल्ली के रामलीला मैदान पर आयोजित होने वाली रैली तक जारी रहेंगे, और जनता के बीच जनजागरण करते हुए आमजन के मुद्दे मुखरित करने की कड़ी में नीमच पहुंचे। इस जत्थे का नेतृत्व सीपीएम के वरिष्ठ राज्य कमेटी सदस्य कैलाश लिंबोदिया, राम त्यागी, सीएल सरावत और भागीरथ कछवाय कर रहे थे।

       जत्थे के समर्थन में नीमच गांधी वाटिका में उपस्थित साथियों को सम्बोधित करते हुए कैलाश लिंबोदिया ने कहा कि आज आदिवासी समुदाय के हक और अधिकार जल जंगल जमीन को बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने  अडानी, अंबानी जैसे बड़े पूंजीपति वर्ग के हाथों में दे दिया है। आज आदिवासी  और अन्य मजदूर समुदाय के लिए रोजगार का जो एकमात्र जरिया था मनरेगा, उसको भी समाप्त कर दिया है। जन मुद्दों को तरजीह न देकर केवल पूंजीपतियों के हितों में फैसले करने की सत्ताधारी दल की नीतियों का भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) विरोधकरती है। वह सतत तौर पर जनता के बीच जाकर उनके मुद्दे उठाती है।  उनके समाधान के लिए जनता को साथ लेकर संघर्ष करतै है। पिछले 12 बर्ष से देश में अरबपतियों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा बढी़ है। क्या यही विकास है?
     कामरेड कैलाश ने आगे कहा कि संसाधनों पर हमारा हिस्सा कम हो रहा है और अमीरों का बढ़ रहा है।  
     किशोर जवेरिया कहा कि आज हमें सरकार की भ्रष्ट नीतियों के खिलाफ संघर्ष करना होगा।  बीजेपी सरकार किसान मजदूर वर्ग के हितों की अनदेखी कर नए नए बिल पारित कर रही है। सीपीएम के पूरे मध्य प्रदेश में  चले संघर्ष जत्था में  किसान, मजदूर, छात्रों और  नौजवानों ने बढ़ चढकर भाग ले रहे है। उन्होंने आमजन से 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विशाल आमसभा में सम्मिलित होने के लिए आह्वान किया।
       
      सभा को संबोधित करते हुए जनवादी नौजवान सभा के कृपाल सिंह ने कहा कि बीजेपी - संघ की डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में लगातार सांप्रदायिक वैमनस्य स बढ़ा है। इसके खिलाफ हमें लड़ाई लड़नी होगी। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध पर भारत सरकार की तटस्थता चिंताजनक है और इसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
      
कॉमरेड निरंजन गुप्ता राही ने कहा कि सरकार की देश की सरकार लगातार कॉर्पोरेट घरेलू के पक्ष में नीति बना रही है। बिजली बिल, बीज बिल और लेबर कोड लाना इसी और इशारा करता है ।लेबर कोड के माध्यम से एक बार पुनः मजदूरों को गुलाम बनाए जाने की तैयारी है और सभी प्रकार की स्थाई नौकरी को समाप्त किए जाने का षडयंत्र है ।इससे अस्थाई नौकरियां  ही पैदा होगी। आवश्यक समय में बिजली की कीमत अधिक लगेगी ऐसा बिल ला कर सरकार किसको फायदा पहुंचा रही है? बीज बिल के माध्यम से किसानों का गला काटने का प्रयास किया जा रहा है। सारे फसलों के बीजों पर कॉर्पोरेट घराना का नियंत्रण हो जाएगा और खेती करना महंगा सा सौदा बन रहा है तथा आगे और भी बनेगा। इसलिए आज जरूरत है लाल झंडे के नेतृत्व में आंदोलन करने और उससे जुड़ने की। 
युवा साथी अरुण चंदेल ने कहा कि कारखाने में 12-12 घंटा काम करना पड़ रहा है और पैसा मांगने पर नौकरी से निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स संविदा ठेका जैसी अस्थाई नौकरियों में 20-20 वर्षों से काम करने वाले आज तक परमानेंट नहीं हुए हैं।हमें हमारे अधिकार लड़का लेनावेतन नहीं जीना मुश्किल कर दिया है इसलिए संघर्ष और तेज करना पड़ेगा। 
गांधी वाटिका में हुई सभा के पश्चात जब था नया गांव पहुंचा जहां वह सीमेंट कॉरपोरेशन आफ इंडिया के बंद कारखाने की श्रमिक को सुरक्षा कर्मियों से मिला तथा नयागांव में गांधी चौक पर एक सभा को संबोधित किया तथा रामलीला मैदान में सीसीआई नया गांव के मुद्दे को उठाने का भी संकल्प लिया गया। नया गांव में हुई सभा को शैलेंद्र सिंह एवं शोभाराम धाकड़ तथा सीएल सरावत ने संबोधित किया। इस अवसर पर पर वीणा देवी, मोतीलाल, नरेंद्र सिंह, दीपेश चंदेल, गुणवंत राठौर, मुकेश नागदा,पंकज नागदा,प्रियंका कविश्वर, उमाकांत सोलंकी, रमेश शर्मा गोविंद जाट रघुनंदन माली राजेंद्र सिंह इत्यादि साथी उपस्थित थे।