नीमच। राजनीति के व्यस्त गलियारों के बीच जब कोई जनसेवक सीमाएं लांघ कर मानवीय संवेदना को सर्वोपरि रखता है तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार ने।
जमुनिया खुर्द के भंवरलाल खारोल की पोती ज्योति की कुछ समय पूर्व शादी पक्की हो गई थी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे दादा भंवरलाल खारोल ने नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार से संपर्क किया और उन्हें पोती की शादी में आ रही आर्थिक परेशानी के बारे में बताया तो श्री परिहार ने संवेदनशील जनप्रतिनिधि होने का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए तत्काल निर्धन बेटी ज्योति खारोल की शादी की पूरी जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया।
बीते गुरूवार को जब विधायक परिहार ज्योति की शादी में जमुनिया खुर्द पहुंचे, तो दादा भंवरलाल खारोल की आंखें नम हो गईं और श्री परिहार को गले लगा लिया। इस अवसर पर विधायक भी भावुक हो गए और कहा कि उनके परिवार ने भी कभी आर्थिक तंगी का समय देखा है। ईश्वर को धन्यवाद देता हूं कि मुझे गांव की गरीब बेटी का कन्यादान करने का सौभाग्य दिया। आज मुझे मानसिक संतोश है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार दीन दुःखियों की सेवा में सर्वोपरि है। ईश्वर से यही कामना हे कि मेरी विधान सभा के आशीर्वाद दाताओं की सेवा कर सकूं।
विधायक परिहार ज्योति के विवाह के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करते हुए अपनी मौजूदगी में न सिर्फ विवाह की सभी रस्में ही पूरी कराईं, बल्कि विवाह में अभिभावक की रस्म निभाते हुए दुल्हे के पैर पूजे। विवाह के बाद नवदंपत्ति को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए जरूरी सामान दिया और समारोह में आए बारातियों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष किशोर दास बैरागी, महामंत्री वीरेंद्रसिंह राठौर नवीन खारोल, शालिग्राम खारोल, ओमसिंह हाडा, शुभम शर्मा, हितेश नामदेव, लोकेश चांगल भी उपस्थित थे।
राजनीति से ऊपर उठकर गांव की गरीब बेटी के विवाह में विधायक परिहार के सद्कार्य की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है। ग्रामीणों का कहना था कि जनप्रतिनिधि का यह संवेदनशील व्यवहार समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने न सिर्फ संवेदनशील जनप्रतिनिधि बल्कि अभिभावक, दोनों का धर्म निभाकर आदर्श प्रस्तुत किया है।