नीमच।प्रधानमंत्री काॅलेज ऑफ एक्सीलेंस स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच में जनवरी और फरवरी में पांच चरणों में आयोजित जिला स्तरीय मेंटल हेल्थ प्रशिक्षण में परामर्शदाताओं ने दिए आत्महत्या के विचारों से बाहर आने के टिप्स
आज का युवा छोटी छोटी बातों और प्रतियोगी परीक्षा में असफल होने के भय से जीवन को समाप्त करने को ही समाधान मानता है उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि ईश्वर द्वारा आपको मनुष्य बनाया जाना सबसे बड़ी उपलब्धि और सबसे बहुमूल्य उपहार है। जीवन से बढ़कर कोई नौकरी ,पद और उपलब्धि नहीं है जीवन बहुत बड़ा है । इसलिए मुस्काराइये , हंसिये, खुश रहिए की यह अनुपम उपहार और अद्वितीय क्षमता ईश्वर ने केवल मानव को ही दी है ।
जीवन में धन्यवाद देना, आभार मानना, सकारात्मक बननाऔर हर हाल में खुश रहना सिखिए इससे तनाव , चिंता , अवसाद समाप्त होते हैं ।
उपरोक्त महत्वपूर्ण परामर्श और सीख माननीय सर्वोच्च न्यायालय और मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा पांच चरणों में प्रायोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग कम वर्कशॉप में जिले के समस्त प्राध्यापकों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करते हुए मनोरोग विशेषज्ञों , काउंसलर्स , मनोचिकित्सक तथा नीमच की विभिन्न आध्यात्मिक संस्थाओं से आए हुए प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान की गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रशांत मिश्रा और मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग के जिला नोडल अधिकारी डॉ संजय जोशी ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य घोर प्रतिस्पर्धा, करियर , नौकरी की चिंता और माता-पिता की महत्वाकांक्षाओं के दबाव के चलते युवाओं में बढ़ रही आत्महत्याओं को कम करना है । रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं,करियर और नौकरी के कारण उनके मन में जो एंग्जायटी, भय, चिंता , तनाव और अवसाद है उससे युवाओं को बाहर निकलना भी इस कार्यक्रम और प्रशिक्षण का मुख्य प्रायोजन था।
पांच चरणों में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के समस्त महाविद्यालयों की फैकल्टी को प्रसिद्ध मनोरोग चिकित्सक डॉ स्वाति वधवा, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की वरिष्ठ दीदी बी.के.सविता बहन ,बी.के. श्रुति बहन, बी.के.मेघना बहन, श्री श्री रविशंकर आर्ट ऑफ लिविंग की अरूणा सिंहल,सीमा गर्ग, हार्ट फूलनेस की दीपाली अरोरा, गायत्री शक्तिपीठ नीमच और शांति कुंज हरिद्वार से प्रशिक्षित ट्रेनर गिरिराज सिंह, उमंग मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर्स नितेश कुमावत ,नेहा शर्मा, इत्यादि ने प्रशिक्षण प्रदान किया। इनके साथ ही इतनी बड़ी और विस्तृत इस ट्रेनिंग कम वर्कशॉप में श्री संजीव थोरेचा, प्रो.जितेन्द्र परिहार , अतिथि विद्वान संजय पंवार का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा।
कार्यक्रम का संयोजन, संचालन और आभार वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ संजय जोशी ने माना।