नीमच (निप्र)।होली के आगमन की आहट के साथ ही फागोत्सव की रंगत भी चरम पर पहुंचने लगी है। इसी कड़ी में 1 मार्च को सकल ब्राह्मण महिला प्रकोष्ठ द्वारा श्री परशुराम महादेव मंदिर में फागोत्सव का आयोजन किया गया। पूरा सभागार रंग-बिरंगे परिधानों, मधुर फाग गीतों और उत्साह से भरे माहौल से सराबोर नजर आया। महिलाओं ने पारंपरिक होली गीतों पर जमकर मस्ती की और भक्ति-रस से ओतप्रोत वातावरण में आनंद की वर्षा कर दी।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत दीप प्रज्वलन और भगवान के समक्ष वंदना से हुई। इसके बाद भजन-कीर्तन और सत्संग का दौर चला।
सकल ब्राह्मण महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती मधु चतुर्वेदी ने  होली के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया फागोत्सव केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक है—इस भावना को मंडली की महिलाओं ने गीतों और प्रवचनों के माध्यम से आत्मसात कराया।
भजन-कीर्तन में बिखरा श्रद्धा का रंग
महिलाओं ने “रंग मत डारो ने सांवरिया..., जैसे पारंपरिक फाग गीतों के साथ-साथ कृष्ण-राधा के प्रेम से जुड़े भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। ढोलक और मंजीरे की थाप पर जब सुरों की गूंज उठी तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।  महिलाओं ने सामूहिक भजन प्रस्तुत किए जिस पर उपस्थित महिलाओं ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया।भजन-कीर्तन के बाद नृत्य का दौर शुरू हुआ।  पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने होली के गीतों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।  कार्यक्रम में सचिव श्रीमती ज्योति शर्मा और कोषाध्यक्ष श्रीमती संध्या व्यास सहित उपस्थित सभी महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
आयोजन के दौरान फाग महोत्सव में  गौरव पारीक एवं उनकी टीम द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई।