- नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्री के पावन पर्व पर किया अभिषेक
नीमच (निप्र)।सकल ब्राह्मण समाज ने परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम के तहत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वजा पूजन का आयोजन किया गया। इस मौके पर नर्मदेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया।
सकल ब्राह्मण कल्याण समिति,सकल ब्राह्मण समाज कल्याण समिति, परशुराम महादेव मंदिर समिति एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में 15 फरवरी रविवार को भगवान परशुराम जन्मोत्सव कार्यक्रम के लिए ध्वजा पुजन* एवं *नर्मदेश्वर महादेव अभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में समाजजन उत्साह और उमंग के साथ शामिल हुए। दोपहर 12.15 से प्रारंभ हुआ।भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर ध्वजा पूजन का आयोजन किया गया। भगवान परशुराम जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर समाजजनों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की, साथ ही वैदिक मंत्रोचार के साथ ध्वजा पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान परशुराम की स्तुति भजनों के माध्यम से की गई। कार्यक्रम पंडित श्री लक्ष्मण जी शर्मा एवं पंडित गौरव पारीक के द्वारा संपन्न कराया गया ब्राह्मण समाज कल्याण समिति अध्यक्ष दिलीप शर्मा, उपाध्यक्ष दीपक शर्मा, सचिव विजय तिवारी, कोषाध्यक्ष संजय व्यास, उपाध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी, गौरव पाराशर, मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष योगेश पंत, सचिव मनोज शर्मा (वकील साहब), सकल ब्राह्मण समाज महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मधु चतुर्वेदी, सचिव ज्योति शर्मा, कोषाध्यक्ष संध्या व्यास सहित प्रबुद्ध जन एवं सकल ब्राह्मण समाज विप्र बंधु और मातृशक्ति उपस्थित रहे। आगामी परशुराम जन्मोत्सव के लिए वृहद बैठक 22 फरवरी 4 बजे परशुराम महादेव मंदिर पर रखी गई है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी दिनेश शर्मा ने दी।
नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पर गूंजे भोले के जयकारे अभिषेक का किया आयोजन- महाशिवरात्री के मौके पर सकल ब्राह्मण कल्याण समिति,सकल ब्राह्मण समाज कल्याण समिति, परशुराम महादेव मंदिर समिति एवं महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पर महाशिवरात्री पर्व के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक का आयोजन किया गया। इस मौके पर पर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी चढ़ाकर अभिषेक किया। भगवान शिव को प्रिय भांग, धतूरा, बेलपत्र, फूल चढ़ाया। धूपबत्ती और घी के दीपक जलाकर आरती उतारी गई।