भादवामाता(परमानंद शर्मा)।भादवामाता के समीपस्थ ग्राम रायसिंहपुरा में दि.५ से ७ फरवरी शनिवार तक तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के तहत आस्था व भक्तिं के साथ रायसिंहपुरा में बड़े हर्षोल्लास के साथ कलश यात्रा निकाली गई। इसी प्रकार से यहां पारंपरिक वेशभूषा के साथ में और ढोल-डीजे से सुमधुर कर्णप्रिय संगीत भजनों की गुंज पर सभी नगरवासी नाचते थिरकते और हर हर महादेव जयकारों के उद्घोष करते हुए गांव में प्रमुख मार्गो से होते हुए। नवनिर्मित-बड़लेश्वरमहादेव एवं खेड़ापति बालाजी मंदिर पहुंची और यहा पंच कुंण्डीय रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ के साथ मुख्य रुप से (विद्वान)ब्राह्मण पंडित नारायण जी शास्त्रीं के द्वारा विशेष-पुजाअर्चना के साथ विश्व शांति की कामना की गई।और यहां बने पंच यज्ञकुंडों में गांव के 51जोड़ें मुख्य यजमान के रुप में बैठकर विशेष-मंत्रौच्चारण के साथ यज्ञकुंड में आहूतियाँ दी गई। इन पंच कुंण्डीय यज्ञ पर श्री राजराजेश्वरी वेद संस्कृत पाठशाला भादवामाता के नन्हें बटूक ब्राह्मण पंडितों के मार्गदर्शन में शास्त्रोंक्त वेदमंत्रो की खुशबू से यहा वातावरण शुद्ध एवं सात्विक बना। इसी प्रकार से यहां तीनों दीन कथा,सुमधुर कर्णप्रिय भजन और वेदमंत्रों की (गुंज)ध्वनि से गांव-क्षैत्र का समुचा वातावरण शुद्ध व सात्त्विक बना व भगवान शिव परिवार की मुर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। और मंदिर के ऊपर कलश स्थापना के साथ विशेष ध्वाजादंड लगाने के साथ यहाँ महा पुर्णाहुति होकर तीन दीवसीय कार्यक्रम का समापन हो जाएगा। इस आयोजन से समुचे क्षैत्र में सुखसमृद्धि बनी रहें। इस पावन तीन दीवसीय धर्म त्रिवेंणी की आस्था में सभी नगर वासियों ने डूबकियां लगाकर अपने जीवन को कृतार्थ कर सफल बनाया। यहां आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था की गई। सभी नगरवासियों के सहयोग से इस आयोजन को सफल बनाकर इस आस्था की त्रिवेंणी में डूबकियां लगाकर धर्म प्रेंमी बंधु पुण्य लाभ के सहभागी बनें।